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गूगल का RCS Based CHAT क्या है? क्यों, कैसे इन हिंदी? Free Enchanced SMS?


जी हाँ, बिल्कुल सही पढ़ा आपने.. गूगल launch करने जा रहा है एक बहुत ही शानदार RCS Technology based Messaging एप्लीकेशन (CHAT) जो आने वाले कुछ महीनो या सालो में हमारे SMS की तरफ देखने के नज़रिए और आज तक रहे अनुभव को बिल्कुल ही बदल देगा. आज यहाँ हम इसी CHAT एप्लीकेशन को लेकर निचे दिए कुछ मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

·        What Is RCS Technology? (RCS क्या है?)
   What Is CHAT Application? (चैट एप्लीकेशन क्या है?)
   Why CHAT? (चैट का निर्माण क्यों हुआ?)
   How CHAT Works? (चैट कैसे काम करता है?)
         Use/Benefits Of Chat? (चैट एप्प के फायदे)
   Problems With Chat? (चैट एप्लीकेशन की समस्याएं)
   List Of RCS Supported Devices, Operating Systems And Operators (RCS को अपनाने वाली कुछ कंपनियां)
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CHAT - Enhanced RCS SMS



तो चलिए आपके बहुमूल्य समय की कद्र करते हुए जल्दी से CHAT के बारे में जानकारी लेते है.

What Is RCS Technology? (RCS क्या है?)

RCS का मतलब Rich Communication Services होता है. यह एक प्रोटोकॉल है जिसकी मदद से हम अपने SMS की सुविधा को और बेहतरीन तरीके से इस्तमाल कर सकते है. यह हमारा किसी भी प्रकार के डेटा को जैसे तस्वीरे, विडियो, गाने, लोकेशन के साथ कई प्रकार के डेटा को high resolution में शेयर करने की क्षमता रखता है. अगर आप इसके बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो आप RCS Technology क्या है? यह लेख पढ़ सकते है.

What Is CHAT Application? (चैट एप्लीकेशन क्या है?)

CHAT एक RCS based SMS एप्लीकेशन है जो गूगल ने develop किया है. अभी RCS के बढ़ते लोकप्रियता और ज्यादा सुविधाओं को देखते हुए गूगल ने कई कंपनियों के साथ मिल कर एक एप्लीकेशन को best RCS SMS app बनाया है जिसको नाम दिया गया है CHAT. यह चैट एप्प हमारे ट्रेडिशनल sms के तरीके को पूरी तरह से बदलने के लिए इजाद हुआ है और यह CHAT App शायद गूगल के आने वाले I/O 2018 के सेमिनार में सबके इस्तमाल के लिए lauch हो जाएगा ऐसा कहा जा रहा है.

और शायद यह एप्प lauch होने के कुछ दिन बाद ही हमें CHAT App Desktop Version भी देखने को मिलेगा जिसके इस्तमाल से हम अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से भी RCS सर्विस का उपयोग करके sms भेज या देख सकते है. और डेस्कटॉप version इस्तमाल करने के लिए हमें बस whatsapp web की तरह एक QR Code Scan करना होगा और फिर हमारे मोबाइल के सारे मेसेज हमारे PC या लैपटॉप में synchronize हो जायेंगे.

यह CHAT एप्प हमें apple के imessages जैसा ही अनुभव करायेगा. और हम उसके सभी features अपने एंड्राइड मोबाइल में इस्तमाल कर सकेंगे. मतलब यह चैट एप्प imessages का एक क्लोन ही है जिससे हम वो सभी कम कर सकेंगे जो imessages से होते है. आपके जानकरी के लिए बता दे की imessages एक सुविधा है जो apple के मोबाइल में दी जाती है और जिसका उपयोग करके यूजर रीच कम्युनिकेशन का लाभ उठा सकते है. और इस imessages का उपयोग करके दिन भर में कई बिलियन मेसेज भेजे और पाए जाते है.

Why CHAT? (चैट का निर्माण क्यों हुआ?)


अब बात आती है की गूगल ने sms के लिए यह चैट एप्प बनाने का फैसला क्यों लिया जब की लोग sms की तुलना में whatsapp और मैसेंजर जैसे एप्लीकेशन का ज्यादा इस्तमाल करते है. इसका एक ही कारण है की बदलती टेक्नोलॉजी में एंड्राइड os की सुविधाओं को लेकर उसके interface तक सब कुछ बदलता आया है और हर नया बदलाव पहले से बेहतर तरीके से काम करता है.

लेकिन sms ही एकमात्र ऐसी सुविधा थी एंड्राइड में जिसके आज तक ना interface में कोई बदलाव आया और ना ही कोई नईं और ज्यादा सुविधाएँ जुडी. और इसी को बदलने के लिए गूगल ने sms को RCS से replace करने का फैसला लिया और उसी के लिए गूगल का यह नया प्रोजेक्ट है जिसको CHAT नाम दिया है.
आज तक गूगल ने sms के लिए कई सारी एप्प बनायीं लेकिन कोई भी ज्यादा चली नहीं. निचे उन में से ही कुछ 
apps का नाम लीस्ट किया हुआ है.
1.       GOOGLE TALK
2.       GOOGLE TALK WITH SMS
3.       GOOGLE+ WITH HANGOUTS VIDEO CHAT INTEGRATION.
4.       GOOGLE VOICE, INTEGRATED IN HANGOUTS
5.       PROJECT FI, ALSO IN HANGOUTS
6.       GOOGLE MESSANGER
7.       ALLO
8.       DUO

जैसे की आप लिस्ट में देख सकते है कुछ सालो पहले ही गूगल ने एक Allo नाम का एप्लीकेशन launch किया था जो whatsapp और मैसेंजर से मिलती जुलती सुविधाएँ दे रहा था. लेकिन यह ज्यादा चला नहीं. एक साल में इसके सिर्फ 50 मिलियन डाउनलोड हुए जब की whatsapp या मैसेंजर के कई बिलियन डाउनलोड है. इसी लिए गूगल ने allo का डेवलपमेंट रोख कर अपना सारा पैसा और ध्यान CHAT प्रोजेक्ट में लगा दिया.

How CHAT Works? (चैट कैसे काम करता है?)


आम तौर पर गूगल अपने प्रोडक्ट के नाम को उसके कंपनी के नाम से ही शुरू करता है जैसे गूगल मैप्स, गूगल प्लस, गूगल डुओ, गूगल असिस्टेंट, गूगल एल्लो आदि. लेकिन इस बार बात कुछ अलग है, गूगल ने अपने चैट एप्प को Google CHAT नाम ना देते हुए सिर्फ CHAT नाम दिया है क्योंकि इस app को सही से और बेहतरीन तरीके से चलाने में कई सारी कंपनियों ने योगदान दिया है.

गूगल सिर्फ ये CHAT एप्लीकेशन पर ध्यान दे रहा है लेकिन उसका जो असली काम है वो दुनिया के जाने माने cellular operators, मोबाइल कंपनियां, ऑपरेटिंग सिस्टम कंपनियों के सहयोग से ही होगा.

चैट एप्प से शेयर किया गया सारा डेटा गूगल के सर्वर से नहीं जायेगा बल्कि यह काम होगा हर बड़ी कंपनियों के सर्वर से.. मतलब जो भी फोटो, विडियो, डॉक्यूमेंट हम शेयर करेंगे वो गूगल के सर्वर पर न जाकर यूजर के ऑपरेटर (उदा. जिओ, वोडाफ़ोन) के सर्वर पर भेजा जायेगा और फिर वो दुसरे यूजर तक जायेगा.
अगर आसन शब्दों में कहे तो जो भी डेटा आप भेजोगे वो सबसे पहले आप के carrier (सिम कंपनी) के सर्वर पर जायेगा और फिर वहा से वो डेटा जिसको भेजना है उसके नजदीकी जगह (centralized location) पर भेजा जायेगा. और फिर वहा से दुसरे carrier के सर्वर पर भेज दिया जायेगा जो आगे उस डेटा को receiver तक पहुचाएंगे.

यहाँ एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखा गया है की अगर सामने वाले का मोबाइल RCS को support नहीं करता हो तो क्या? इसका हल भी निकाल लिया गया है, अगर कभी ऐसी नौबत आ जाती है तो receiver को आम sms दिखाई देगा. मतलब यहाँ पर किसी भी तरह का डेटा loss नहीं होने वाला.
और हमारे लिए ख़ुशी की बात यह होने वाली है की यह सर्विस इस्तमाल करने के लिए हमें sms जैसा कोई भी शुल्क लागु नहीं किया जायेगा क्योंकि यह end to end कम्युनिकेशन होगा और यह बिल्कुल फ्री होने वाला है बस इसको इस्तमाल करने के लिए हमारा इन्टरनेट कनेक्शन आवश्यक होगा जो आज कोई बड़ी बात नहीं है.

Use/Benefits Of Chat? (चैट एप्प के फायदे)

1. sms की तुलना में हम अपना मीडिया अच्छी quality में शेयर कर सकेंगे.

2. हमारा मेसेज अब वही पकाऊ 160 characters तक सिमित नहीं रहेगा. हम जितना चाहे उतना लम्बा sms भेज सकेंगे.

3.यह सभी operators और manufacturers के एकसाथ आने पर बना है, कोई स्पर्धा नहीं है तो इससे ग्राहक को भी कुछ फायदा जरुर होगा.

4.यह बिल्कुल फ्री सर्विस होने वाली है मतलब CHAT से RCS मेसेज करने के लिए हमें कोई standard rate नहीं देने होंगे जैसे sms में देना पड़ता था.

5. imessages की तुलना में यह बेहतरीन साबित होने वाला है क्योंकि imessages सिर्फ apple के उपकरणों में ही चलता है जब की CHAT हमें cross platform support देगा मतलब हम अपने मोबाइल के साथ PC में भी इसका इस्तमाल कर पाएंगे और इसे सभी जाने माने मोबाइल और operators द्वारा सपोर्ट किया जायेगा.

6. अगर किसी मोबाइल में RCS support नहीं भी है तो भी उसको आम sms दिखाई देगा मतलब हम किसी भी device में डेटा एक्सचेंज कर सकते है फिर उसके पास CHAT या RCS support हो या ना हो.

Problems With Chat? (चैट एप्लीकेशन की समस्याएं)

1.   
    1.Lack Of Encryption - इसमे हमें encyption की सुविधा नहीं मिलेगी. मतलब हम जो भी डेटा send या receive करेंगे वो बिना किसी encrypted फॉर्मेट के होगा. मतलब वो डेटा binary में कन्वर्ट ना होकर वैसे ही भेजा जायेगा जिसे कोई हैक करके पढ़ सकता है. यह एक security risk लेने जैसा है और गूगल के लिए एक challenge भी की वो कैसे अपने यूजर को बनाये रखेगा और डेटा को प्रोटेक्ट करेगा.

2.  2.Apple Not Rolled-In - जब गूगल ने बाकि कंपनियों की तरह apple से RCS support के बारे में बात की तो apple ने कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी है. अब अगर apple RCS support के लिए मना कर देता है तो हम एंड्राइड और apple के devices में इन सुविधाओ का प्रयोग नहीं कर पाएंगे.

3.  3.Rates May Apply - अगर कोई उपकरण RCS को support नहीं करता हो तो हमें standard sms rates देने पड़ेंगे.

4.  4.All Companies Are Not Enrolled - गूगल के सामने एक challenge यह भी है की वो सभी कंपनियों का support कैसे पाता है. हलाकि बहुत सी कंपनियां राज़ी हो गयी है लेकिन अब भी कुछ ऐसी कंपनियां है जो गूगल के इस प्रस्ताव को लेकर संकोच में है की इसे अपनाया जाये या नहीं.

List Of RCS Supported Devices, Operating Systems And Operators (RCS को अपनाने वाली कुछ कंपनियां)


Supported Devices/Manufacturers –

  1. Alcatel
  2. ASUS
  3. General Mobile
  4. LG
  5. Huawei
  6. Intex
  7. Samsung
  8. ZTE
  9. HTC
  10. Lava Mobiles
  11. Lenovo

Supported Operators –

  1. Advanced Info Service (AIS) - Thailand
  2. Airtel - India
  3. América Móvil - Mexico
  4. AT&T - USA
  5. Axiata - Malaysia
  6. Beeline - Russia
  7. Etisalat - UAE
  8. Globe Telecom - Philippines
  9. Ice - Norway
  10. Indosat Ooredoo - Indonesia
  11. KDDI - Japan
  12. Bell Mobility - Canada
  13. China Mobile - China
  14. China Telecom - China
  15. China Unicom - China
  16. Claro - Latin America
  17. Deutsche Telekom - Germany
  18. Optus - Australia
  19. Orange - France
  20. Personal - Argentina
  21. Play - Poland
  22. Reliance Jio - India
  23. Rogers - Canada
  24. Sprint - USA
  25. StarHub - Singapore
  26. Telcel - Mexico
  27. Tele2 - Nordic countries
  28. Telefónica - Spain
  29. Telenor - Norway
  30. Telia Company - Sweden
  31. KPN - Netherlands
  32. M1 Limited - Singapore
  33. MegaFon - Russia
  34. Millicom - Latin America and Africa
  35. MTN Group - South Africa
  36. MTS - Russia
  37. NTT Docomo - Japan
  38. Singtel - Singapore
  39. Smart Communications - Philippines
  40. Telkomsel - Indonesia
  41. Telstra - Australia
  42. Telus - Canada
  43. TIM - Italy
  44. T-Mobile - USA
  45. Turkcell - Turkey
  46. Verizon - USA
  47. VEON - Netherlands
  48. Vodafone - UK

Supported Operating Systems –

         1. Android
         2. Microsoft

तो अब अंत में निचे कमेंट करके आप यह बताइए की आप RCS पर आधारित CHAT का उपयोग करने के लिए बेताब है या अब भी sms का ही उपयोग करना पसंद करेंगे. और इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे ताकि वो भी sms के बदलते भविष्य के बारे में जान सके. धन्यवाद.